Mission

  • भारत को विश्व शक्ति के रूप में निर्मित करना

21वी  शताब्दी में भारत एक भू-राजनैतिक विश्व शक्ति के रूप में उभर रहा है अत: हिंसा से विदीर्ण विश्व को नैतिक आधार प्रदान करने में सक्षम युवा भारतीयों को प्रशिक्षण करने के लिए |

  • भारत को विश्वगुरु के रूप में प्रतिष्ठित करने के लिए

भारत को विश्व गुरु बनाने के स्वामी विवेकानंद के स्वप्न को साकार करने के लिए विश्व क्रूर-कठोर हिंसक शक्तियों को हतोत्साहित करने के लिए भारत को नैतिक-सदाचारी शक्ति के रूप में विकसित करना |

  • विश्व को वैकल्पिक मार्ग/पद्धति प्रदान करने के लिए

विश्व के दिग्भ्रमित युवाओ को वैकल्पिक जीवन पद्धति प्रदान करने के लिए प्राचीन भारतीय जीवन मूल्यों, प्रक्रति , बड़े बुजुर्गो , शिक्षको और माता-पिता के प्रति सम्मान व श्रद्धा को आधार बना कर समाज रचना करना |

  • माता पिता ,शिक्षको /गुरुजनों के सम्मान की पुन: स्थापना के लिए

युवा भारत को माता पिता और गुरुजनों के सम्मान की प्राचीन भारतीय परम्परा में दीक्षित करना | विश्व के समक्ष में यह प्रदर्शित करना की परिवार और समाज ही सुरक्षा एव सरक्षण का आधार है साकार नहीं है |

  • भारत की नौजवान पीढ़ी में महिलाओ के प्रति सम्मान और बालिकाओ के प्रति आदर का भाव जगाना |
  • विश्व को यह सन्देश देने के लिए की केवल कानून के सहारे नहीं अपितु समाज के विश्वास से नारी गरिमा की रक्षा हो सकती है |
  • युवा पीढ़ी को सद्संस्कारो का प्रशिक्षण देने हेतु

नौजवान बालक-बालिकाओ को भारतीय संस्कृति में मूल स्वरुप में प्रशिक्षित करना |

युवा शक्ति को नैतिक और सांस्कृतिक प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें संस्कारित करना |

  • संस्कारो की प्रतिस्थापना हेतु प्रतीक और प्रतीकात्मक को आत्मसात करना

संवाद के माध्यम हेतु प्रतीक और प्रतीकात्मक को स्वीकार तथा आत्मसात करना |

युवा शक्ति के अचेतन मन तक संस्कारो की पहुच को संभव बनाना |

  • युवा चरित्र का निर्माण करना

युवा बालक बालिकाओ की विचार प्रणाली को न केवल प्रभावित करना अपितु उनके मन मस्तिषक और चरित्र को संस्कारो में अमृत रस से सिचित करना

  • ‘जीवन मूल्यों का निर्माण ही राष्ट्र निर्माण है’

यह प्रदर्शित करने के लिए की जीवन मूल्यों का निर्माण ही राष्ट्र निर्माण है, प्रत्येक युवा को यह अनुभूति करना की व्यक्ति के जीवन मूल्यों का निर्माण मात्र एक वैचारिक विकास नहीं है, अपितु यह सम्पूर्ण राष्ट्र के व्यापक विकास की आधारशिला है क्योकि मूल्यों का निर्माण ही राष्ट्र निर्माण है |