Vision

प्रतीक और प्रतीकात्मा के द्वारा समस्त शिक्षण संस्थाओ में एक विशिष्ठ और नवाचारी प्रशिक्षण पद्धति द्वारा कौशलपूर्वक वैज्ञानिक संस्कार प्रदान करना |

  • युवा भारतीयों के मन-मस्तिष्क, चिंतन, व्यवहार ,चरित्र और जीवनशैली को सम्यक आकर प्रदान करना |
  • युवको और युवतियों को अपने अभिभावकों , वृध्दजनों,शिक्षको, महिलाओ ,प्रकृति और राष्ट्र का सम्मान करने और आदरपूर्ण व्यवहार करने के लिए प्रेरित और प्रभावित करना |
  • प्राचीन भारतीय परम्परा, संस्कृति, परिवार और समाज के संरक्षणपूर्वक राष्ट्र की सुरक्षा करने और सम –सामयिक विश्व में इसकी अर्थव्यवस्था को शक्तिशाली तथा विकसित बनाना |
  • भारत को एक भू-राजनैतिक ,आर्थिक और सांस्कृतिक शक्ति के रूप में उदय से उत्पन्न राष्ट्रीय और वैश्विक उत्तरदायित्वो के निर्वाह हेतु युवा मानस और पराक्रम को जाग्रत करना |
  • विश्व चौराहे पर वैचारिक दुविधा में खड़ी मानवता को काल की कसौटी पर खरी,कालातीत प्राचीन भारतीय संस्कृति के सम्रद्ध आतंरिक जीवन मूल्यों के आधार पर दिशा बोध प्रदान करना

संस्था को विश्वास है की नैतिक गुण और जीवन मूल्यों से परिवार,समाज और रास्त्र का निर्माण होता है जिससे धरती पर विश्व बंधुत्व की स्थापना होती है |

संस्था का घोष वाक्य – “मूल्य निर्माण से राष्ट्र निर्माण होता है